कानपुर , जनवरी 27 -- गणतंत्र दिवस के अवसर पर कानपुर स्थित विश्व सर्व सनातन संघ ने सनातन धर्म के प्रतीक केसरिया ध्वज भी फहराया।

रतनलाल नगर में संघ की संस्थापिका सनातनी अम्बे ने कहा कि प्राचीन भारत का ध्वज केसरिया ही था। सनातन में देश को मां का दर्जा दिया गया है। सभी धर्म स्थलों पर पारंपरिक पूजन हवन के बाद विश्व कल्याण की कामना और भारत माता की जय का उदघोष किया जाता है। भारत को न धर्म निरपेक्ष होना चाहिए और न हिन्दू राष्ट्र होना चाहिए। यह देश सदियों से सनातनियों का है। छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, मंगल पांडे,वीरंगना लक्ष्मीबाई और नानाराव देशमुख जैसे रणबांकुरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से इस धरती को सींचा है।

उन्होने कहा कि सनातियों की पहचान केसरिया ध्वज है, इसलिये अब समय आ गया है जब राष्ट्र ध्वज का रंग सिर्फ केसरिया होना चाहिये। सनातन, जैन बौद्ध,सिख,आर्यसमाज को अब एक होना चाहिए और हर राष्ट्र पर्व में केसरिया ही फहराना चाहिए।

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