जयपुर , अप्रैल 26 -- राजस्थान के जालौर जिले में एक सरकारी स्कूल ने 'केवल अंक नहीं प्रतिभा का सम्मान' की पहल करते हुए बच्चों को केवल अंकों के पीछे भागना ही नहीं बल्कि उन्हें अपने कौशल पर गर्व करना सिखाना शुरु किया हैं।
जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रेवत विद्यालय ने यह पहल शुरु की है और विद्यालय के शिक्षक संदीप जोशी के अनुसार अक्सर नए सत्र की शुरुआत में दीवारों और अखबारों में केवल 'उच्च अंकों' के चेहरों की भीड़ दिखती है, जो अनजाने में बच्चों के बीच अंकों की एक अंधी दौड़ पैदा करती है और विद्यालय ने इस परंपरा को तोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। जिसके तहत विद्यालय के पोस्टर पर केवल बोर्ड टॉपर ही नहीं, बल्कि सुंदर लेखन, काव्य पाठ, नृत्य एवं गायन, खेलकूद एवं क्राफ्ट, सिलाई, मेहंदी एवं कृषि जैसे 'हुनर के सितारे' भी चमकते हैं।
श्री जोशी ने कहा कि जब हम बच्चे के हुनर को पहचानते हैं, तो वह अंकों की दौड़ में पीछे छूटने पर हीन भावना का शिकार नहीं होता बल्कि अपने कौशल पर गर्व करना सीखता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित