कोझिकोड , फरवरी 03 -- केरल पर्यटन विभाग के निरंतर प्रयासों से पश्चिम एशिया के देशों में आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने और पारंपरिक कल्याण को बढ़ावा मिला है।
यह बात सऊदी अरब और बहरीन के प्रतिनिधियों ने केरल के कोझिकोड में मंगलवार को पहले 'अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद और वेलनेस कॉन्क्लेव' में कही। दो और तीन फरवरी को आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 34 देशों के 125 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयुर्वेद प्रमोशन सोसाइटी (एपीएस) द्वारा पर्यटन विभाग और अन्य स्वास्थ्य संगठनों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में रूस से सर्वाधिक 22 प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि जर्मनी से 14 प्रतिनिधि पहुंचे।
सऊदी अरब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नोराह अल कासिम ने बताया कि उन्होंने पहली बार केरल पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से आयुर्वेद के बारे में जाना। उन्होंने कहा, "वेबसाइट आयुर्वेद और वेलनेस पर व्यापक जानकारी प्रदान करती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग सऊदी के नागरिकों के बीच गहरा प्रभाव पैदा करता है।" टिकटॉक और स्नैपचैट पर प्रसिद्ध सुश्री नोराह पहली बार केरल आई हैं और वह 'रिजुवेनेशन थेरेपी' का अनुभव लेने के लिए काफी उत्सुक दिखीं।
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