तिरुवनंतपुरम , नवंबर 04 -- केरल सरकार जल्द ही वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित एक हेल्पलाइन शुरू करेगी। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे काम करेगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार गृह विभाग के विज़न-2031 सेमिनार में प्रस्तुत एक बड़े सुधार पैकेज के तहत यह किया जा रहा है। राज्य में बुजुर्गों की आबादी 2031 तक 50 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है इसलिए इस पहल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गृह विभाग द्वारा आयोजित इस सेमिनार में पुलिस व्यवस्था को और अधिक नागरिक-अनुकूल, सेवा-उन्मुख और अभिभावक-जैसी प्रणाली में बदलने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया।

सूत्रों ने बताया कि इस कार्ययोजना में पुलिस व्यवस्था का आधुनिकीकरण, बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया, बेहतर अपराध रोकथाम रणनीतियां और सामाजिक सुरक्षा-संचालित हस्तक्षेप शामिल हैं।

प्रमुख प्रस्तावों में कानून प्रवर्तन तंत्र को मज़बूत करना, फोरेंसिक और जांच प्रणालियों का आधुनिकीकरण, जन सुरक्षा ढांचे को बढ़ावा देना, पुलिस बल में मानव संसाधन विधियों का उन्नयन और महिलाओं, बच्चों और कमज़ोर समूहों की सुरक्षा के उपायों को तेज़ करना शामिल है।

रोडमैप में साइबर अपराध, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और संगठित आपराधिक नेटवर्क के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं और जेल प्रशासन में सुधारों पर भी ज़ोर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, सेमिनार के आठ सत्रों में तैयार किए गए विचार और रणनीतियां व्यावहारिक, नवीन और राज्य की भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। ये सिफ़ारिशें गृह विभाग की आगामी पहलों का खाका तैयार करेंगी।

इसमें एक बड़े तकनीकी बदलाव की भी योजना है। संकटग्रस्त लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए पीओएल-ऐप को एक एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्लेटफ़ॉर्म में बदला जाएगा।

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एआई-सक्षम इंटेलिजेंट ट्रैफ़िक मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किए जाएंगे और मज़बूत दस्तावेज़ीकरण उपायों के ज़रिए प्रवासी श्रमिकों की निगरानी कड़ी की जाएगी।

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