नयी दिल्ली , दिसंबर 16 -- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने केरल में रेबीज से हुई मौतों पर मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सभी मामलों में इसकी वजह घाव को ठीक न धोना, टीका न लेना या अधूरे टीकाकरण जैसी लापरवाहियां रही हैं।

साल 2022 और 2025 में केरल में रेबीज से हुई मौतों के बारे में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2022 के 21 मामलों की जांच की जिसमें 20 के रिकॉर्ड उपलब्ध थे। उनमें से 15 ने या तो टीका नहीं लिया था या टीकाकरण अधूरा हुआ था। तीन की मौत टीका लगने से पहले ही हो चुकी थी। एक को गहरा घाव हुआ था और उसे सही से नहीं धोया जा सका इस कारण उसकी मौत हुई थी।

उन्होंने बताया कि साल 2025 के 15 मामलों में से 14 को टीका नहीं लगा या अधूरा टीकाकरण हुआ था। एक ने पूरा टीका लिया था, लेकिन घाव इतना गहरा था कि उसकी मौत हो गयी।

श्री नड्डा ने जोर देकर कहा कि रेबीज काफी घातक रोग है और लोगों को कुत्ते के काटे को काफी गंभीरता से लेना चाहिये। एक बार वायरस नसों के अंदर चला गया तो मौत निश्चित है। यदि समय पर घाव को धोया जाता है और टीका लगाया जाता है, तभी बचाव संभव है।

मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया गया है कि रेबीज का टीका तुरंत तथा सही तरीके से देने पर काफी प्रभावी है। यह कितना असरदार होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे समय पर लिया गया था या नहीं और इसका कोर्स पूरा किया गया था या नहीं।

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