पलक्कड़ , मार्च 05 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने वरिष्ठ नेता एवं शोरनूर के पूर्व विधायक पीके शशि को पार्टी से निकाल दिया है।
उन पर यह कार्रवाई गुरुवार को चंद्रनगर के पार्वती ऑडिटोरियम में पार्टी के बागी कार्यकर्ताओं के बुलाये 'मार्क्सिस्ट जनपथ्य कूटायमा' सम्मेलन का उद्घाटन करने के कुछ ही घंटों बाद की गयी।
माकपा के जिला सचिव ईएन सुरेश बाबू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए उनके निष्कासन की घोषणा की।
केरल पर्यटन विकास निगम (केटीडीसी) के पूर्व अध्यक्ष और सीटू के जिला अध्यक्ष रहे श्री शशि मन्नारक्काड के पास कोट्टोपाडम स्थानीय समिति की नयादिप्पारा शाखा के सदस्य थे। उन्होंने आंतरिक कलह के बाद 19 फरवरी को केटीडीसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री शशि ने जिला नेतृत्व की तीखी आलोचना की। उन्होंने सुरेश बाबू पर तानाशाही तरीके से पार्टी चलाने का आरोप लगाया और भ्रष्टाचार तथा स्पिरिट तस्करी से संबंध होने के गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा, "यह सभा बागियों का सम्मेलन नहीं, बल्कि क्रांतिकारी कम्युनिस्टों का जमावड़ा है।"मन्नारक्काड, कोझिंजपारा और वडक्कनचेरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 600 कार्यकर्ता इस बैठक में शामिल हुए।
श्री शशि ने दावा किया कि पार्टी को जिला नेतृत्व के खिलाफ पहले सैकड़ों शिकायतें सौंपी गयी थीं, लेकिन उनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने समूह को जिला समिति के सात सदस्यों के मूक समर्थन का भी दावा किया और कहा कि वे जल्द ही इस समूह में शामिल होंगे।
श्री शशि ने पार्टी की राज्य और केंद्रीय समितियों से हस्तक्षेप करने और जिला नेतृत्व को सुधारने का आग्रह किया। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की क्षमता के लिए माकपा के पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन की प्रशंसा की।
इन आरोपों के जवाब में श्री सुरेश बाबू ने कहा कि वह इन्हें गंभीरता से नहीं लेंगे मगर श्री शशि को किसी भी तरह के अवैध वित्तीय लेन-देन को साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो वह सार्वजनिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेंगे।
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