तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 18 -- केरल के उद्योग,नारियल और विधि मामलों के मंत्री पी. राजीव ने बायो 360 लाइफ साइंसेज पार्क में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन मॉलिक्यूलर एंड एप्लाइड साइंसेज (सीआरएमएएस) के शोध एवं विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी जिसका उद्देश्य जीव विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।
उन्होंने शुक्रवार को एक सभा को संबोधित करते कहा कि यह परियोजना उन्नत अनुसंधान को उद्योग के साथ प्रभावी रूप से एकीकृत कर जैव चिकित्सा एवं जीव विज्ञान उद्योगों के लिए एक अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग करने वाली सीआरएमएएस में इस नयी सुविधा के माध्यम से 100 से अधिक उच्च-कुशल नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।
इस विस्तार से राज्य में ही इलेक्ट्रिक पल्स स्टिमुलेशन (ईपीएस) प्रणाली सहित उन्नत प्रौद्योगिकी विनिर्माण कार्य में भी सुविधा मिलेगी।
सीआरएमएएस के निदेशक डॉ. राजेश रामचंद्रन ने कहा कि नया केंद्र नवीन रोग मॉडलिंग प्रणालियों, न्यूरोनल उत्तेजना एवं कार्डियक रीमॉडेलिंग में अनुसंधान क्षमताओं को मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य आयुर्वेद एवं जैव सामग्री शाेध को एकीकृत कर अनुप्रयोग आधारित परिणामों के लिए वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देकर बुनियादी विज्ञान की खोजों को अधिक तेज़ी और कुशलता से व्यवहार में लाना है।
इस सुविधा का विकास दो चरणों में किया जा रहा है, पहले चरण की आधारशिला बुधवार को रखी गई। लगभग 15,800 वर्ग फुट में फैले इस केंद्र में अत्याधुनिक अवसंरचना शामिल है, जिसमें 8,600 वर्ग फुट की ट्रांसलेशनल रिसर्च प्रयोगशालाएं और लगभग 6,000 वर्ग फुट का क्षेत्र सीआरएमएएस द्वारा विकसित आयुष उत्पादों के निर्माण के लिए है।
इस कार्यक्रम में बायो 360 लाइफ साइंसेज पार्क के सीईओ डॉ. प्रवीण के.एस., केरल विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग की प्रोफेसर डॉ. मिनी एस., बायो 360 की परियोजना प्रबंधक डॉ. सुनीता चंद्रन और सीआरएमएएस में निदेशक डॉ. स्मिता सी. और डॉ. राजेश रामचंद्रन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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