नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा की केरल इकाई के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के आवास के बाहर श्री भगवान स्वामी शरणम अयप्पा मंदिर से जुड़े स्वर्ण चोरी प्रकरण को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में केरल भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इस मामले में तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर प्रश्न उठाया।
इस मौके पर भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री रोहित चहल और केरल युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनु प्रसाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि मंदिरों की संपत्ति केवल भौतिक संपदा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे में यदि स्वर्ण आभूषणों या मंदिर संपत्ति में किसी प्रकार की चोरी या अनियमितता हुई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि आस्था के साथ विश्वासघात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर प्रकरण पर कांग्रेस की ओर से स्पष्ट रुख सामने नहीं आया है। इसलिए जनता जानना चाहती है कि जिम्मेदार कौन है, जांच की स्थिति क्या है और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या भ्रष्टाचार हुआ है, तो उसे उजागर करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मंदिरों की संपत्ति पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी अस्वीकार्य है। जिन लोगों ने चोरी की है वह श्रीमती गांधी को उपहार में सोना भेंट कर रहे हैं। देश की आस्था से जुड़े मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाना भाजपा की नीति रही है। यदि किसी ने भी श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाई है, तो उसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष और खासकर कांग्रेस ने पहले देश को लूटा और अब मंदिरों को भी लूटकर देश के करोड़ हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करायी जानी चाहिए। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट को शीघ्र सार्वजनिक किया जाए और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मंदिर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
श्री प्रसाद ने कहा कि आस्था पर आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने दोषियों को दंड देने की मांग करते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत अभियान नहीं, बल्कि आस्था, पारदर्शिता और सुशासन के पक्ष में एक लोकतांत्रिक पहल है।
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