कोच्चि , फरवरी 02 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा है कि प्रदेश पर्यटन विकास में खुद को वैश्विक मॉडल बनाने के लिए एक बड़ी कार्ययोजना बनाने के लिए तैयार है, जो समावेशिता , सुलभता और सतत विकास पर आधारित होगी।
श्री विजयन ने केरल पर्यटन और द हिंदू ग्रुप द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित 'केरल फॉर ऑल - टूरिज्म विदाउट बैरियर्स' सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य वैश्विक पर्यटकों की बदलती पसंद के हिसाब से नए पर्यटन सेवाओं को भी विकसित कर रहा है, साथ ही यह भी पक्का कर रहा है कि इसके फायदे समाज के सभी वर्गों तक पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कार्ययोजना समावेशिता और विकास-उन्मुख उपायों पर आधारित होगी, जिसका मकसद केरल के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का विज़न यह पक्का करना है कि राज्य के सभी पर्यटन स्थल चाहे वे बड़े हों या छोटे सभी पर्यटकों के लिए बिना किसी रुकावट के समान रूप से मज़ेदार और सुलभ हों।
मुख्यमंत्री ने कहा, "जिस चीज़ की कल्पना की जा रही है, वह एक सबको साथ लेकर चलने वाला और आसानी से मिलने वाला सांस्कृतिक पर्यटन है। सरकार का विजन है कि सभी पर्यटन स्थल , चाहे छोटे हों या बड़े, सभी यात्रियों के लिए एक जैसे मज़ेदार होने चाहिए।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन योजना और बुनियादी ढांचा विकास के लिए आसानी ज़रूरी होनी चाहिए।
इस अवसर पर द हिंदू ग्रुप के निदेशक एन. राम , भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव और पर्यटन महानिदेशक सुमन बिल्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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