तिरुवनंतपुरम , नवंबर 05 -- राष्ट्रीय श्रम एवं उद्योग मंत्रियों के ग्यारह और 12 नवंबर को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले सम्मेलन में केरल के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी राज्य का प्रतिनिधत्व करेंगे। राज्य सरकार ने इस सम्मेलन के दौरान उठाये जाने वाले श्रमिकों के अधिकारों के एजेंडों को अंतिम रूप दे दिया है।

आज यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस सम्मेलन के दौरान केरल प्रमुख श्रम कल्याण पहलों पर केंद्र के साथ सहयोग करते हुए श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर ज़ोर देगा। केरल केंद्र की चार श्रम संहिताओं का इस आधार पर दृढ़ता से विरोध करेगा कि मौजूदा प्रावधान सामाजिक सुरक्षा, ट्रेड यूनियन अधिकारों और न्यूनतम वेतन सुरक्षा को कमजोर करते हैं। राज्य इस बात पर ज़ोर देगा कि श्रम सुधारों से श्रमिकों के लिए 'जीवन की सुगमता' को मज़बूत किया जाना चाहिए और इसे 'व्यापार करने में आसानी' बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

इसके साथ ही केरल ने प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोज़गार योजना, विस्तारित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) कवरेज और ई-श्रम पोर्टल जैसी योजनाओं पर केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की है। राज्य सामाजिक सुरक्षा जाल को व्यापक बनाने के लिए डेटा एकीकरण के वास्ते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के साथ मिलकर काम करेगा और सभी ज़िलों में ईएसआईसी की सार्वभौमिक पहुँच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक और सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए एक राज्य ईएसआईसी सोसाइटी की स्थापना की योजना के साथ-साथ ईएसआईसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर विचार किया जा रहा है।

विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य में 3.29 करोड़ पंजीकरण पहले ही पूरे हो चुके हैं। केरल ई-श्रम पोर्टल के तहत और अधिक असंगठित, निर्माण और गिग/प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों को लाने के प्रयासों को तेज़ करेगा। राज्य सरकार देश के पहले विकेन्द्रीकृत कौशल विकास मॉडल का भी प्रदर्शन करेगी, जिसके तहत प्रत्येक ज़िले को एक अलग श्रम बाज़ार माना जाएगा। यह मॉडल कौशल प्रशिक्षण तक व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को एकीकृत करता है।

राज्य भर में प्रशिक्षण गुणवत्ता के मानकीकरण के वास्ते निजी कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक नई मान्यता नीति को मंजूरी दी गयी है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत 34 करोड़ रुपये की लागत से 35,390 उम्मीदवारों का प्रशिक्षण मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा।

केंद्रीय कौशल विकास मंत्रालय, कोच्चि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और केरल कौशल उत्कृष्टता अकादमी के सहयोग से एक राष्ट्रीय मेट्रो एवं रेल प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की जाएगी।

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