तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 18 -- केरल के कोझिकोड में प्रस्तावित 'अंग प्रत्यारोपण संस्थान' का पहला चरण जल्द ही शुरू होने वाला है। केरल मंत्रिमंडल ने इस संस्थान की स्थापना के लिए 643.88 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।
उन्नत चिकित्सा बुनियादी ढ़ांचे और उन्नत तकनीक से लैश इस 'सिंगल-विंडो' संस्थान में विशेषज्ञ डॉक्टर, वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात होंगे और अंग दान एवं प्रत्यारोपण की सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
यह संस्थान चिकित्सकीय देखभाल, शिक्षण, पेशेवर प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंग दान गतिविधियों का एक साथ संचालन करेगा। यहाँ अंगों के खराब होने की स्थिति में इलाज से लेकर प्रत्यारोपण सर्जरी और लंबे समय तक चलने वाले पुनर्वास तक की पूरी सुविधा उपलब्ध होगी।
कैबिनेट ने शुरुआती चरण के लिए 60 शिक्षण पदों की मंजूरी दी है, जिनमें 14 प्रोफेसर, सात एसोसिएट प्रोफेसर और 39 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि जब तक संस्थान का अपना स्थायी परिसर तैयार नहीं हो जाता, तब तक यह कोझिकोड मेडिकल कॉलेज से संचालित होगा।
यह संस्थान कोझिकोड के चेवायूर में 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा और इसमें छह मंजिला चार 'ब्लॉक' होंगे। पूरी तरह से चालू होने पर, इसमें कुल 510 बेड की क्षमता होगी, जिसमें 219 सामान्य बेड, 42 विशेष वार्ड बेड, 58 आईसीयू बेड और 83 एचडीयू बेड शामिल होंगे। यहाँ 16 ऑपरेशन थिएटर, एक डायलिसिस केंद्र और एक समर्पित प्रत्यारोपण अनुसंधान इकाई जैसी सुविधाएँ होंगी।
पहले चरण में 330 बेड और 10 ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 180 बेड और छह ऑपरेशन थिएटर और जोड़े जाएंगे। शुरुआत में यहाँ 14 विशेषज्ञ विभाग काम करेंगे, जबकि अगले चरण में सात और विभाग शुरू करने की योजना है। संस्थान का लक्ष्य 31 शैक्षणिक पाठ्यक्रम शुरू करने की है।
इस केंद्र पर कॉर्निया, किडनी, लिवर, आंत, अग्न्याशय, हृदय, फेफड़े, 'बोन मैरो', 'सॉफ्ट टिश्यू', हाथ और हड्डियों के प्रत्यारोपण की सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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