तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 31 -- केरल में तिरुवनंतपुरम निगम क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य के परिवहन मंत्री के बी गणेश कुमार ने बुधवार को कहा कि यदि निगम औपचारिक अनुरोध करता है तो वर्तमान में चल रही 113 ई-बसों को 24 घंटे के अंदर वापस किया जा सकता है।

श्री गणेश कुमार ने स्पष्ट किया कि इलेक्ट्रिक बसें तिरुवनंतपुरम निगम की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि इनका संचालन केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) कर रही है, जिसमें राज्य सरकार की परियोजना में बहुमत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो सरकार मौजूदा बेड़े की जगह 150 वैकल्पिक बसें तैनात करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की सीमाओं से बाहर बसें चलाने पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है, और नेदुमंगड, अट्टिंगल, पोथेनकोड तथा नेय्यात्टिनकरा जैसे क्षेत्रों को राज्य की राजधानी से जोड़ने वाली सेवाएं नियमानुसार हैं।

उन्होंने बताया कि तिरुवनंतपुरम शहर निगम के महापौर ने अभी तक उनसे आधिकारिक रूप से कोई संवाद नहीं किया है और न ही इस मुद्दे पर कोई लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है। ये टिप्पणियां परिवहन विभाग और तिरुवनंतपुरम निगम के बीच शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की रूटिंग तथा नियंत्रण को लेकर सार्वजनिक विवाद की पृष्ठभूमि में आई हैं।

इससे पहले तिरुवनंतपुरम महापौर वी वी राजेश ने नगर निगम की इलेक्ट्रिक बसों को नगरपालिका सीमाओं से बाहर रूटों पर उपयोग करने पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। स्मार्ट सिटी पहल के तहत अधिग्रहित 113 ई-बसों का बेड़ा शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से मूल रूप से शहर के यात्रियों की सेवा के लिए था।

महापौर ने बताया कि कई बसें वर्तमान में उपनगरीय क्षेत्रों में, जिसमें नेय्यात्टिनकरा शामिल है, संचालित हो रही हैं, जो केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के साथ समझौते के विपरीत है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन सेवाओं से होने वाली आय शहर के साथ सहमति अनुसार साझा की जा रही है।

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