बेंगलुरु , अप्रैल 10 -- केरल की एक 15 साल की लड़की, जो चिक्कमगलुरु की पहाड़ी श्रृंखलाओं की पारिवारिक यात्रा के दौरान गायब हो गई थी, वह शुक्रवार को उस जगह से सिर्फ 150 मीटर की दूरी पर मृत पाई गई, जहां उसे आखिरी बार देखा गया था।

इस घटना ने परेशान करने वाले ऐसे कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कई दिनों तक चले एक बड़े तलाशी अभियान के बावजूद उसे पहले क्यों नहीं खोजा जा सका।

पालक्काड की रहने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा श्रीनंदा मंगलवार शाम को बाबा बुडांगिरी पहाड़ियों में स्थित माणिक्यधारा झरने के पास से गायब हो गई थी। गायब होने से कुछ ही देर पहले उसने अपने रिश्तेदारों के साथ एक समूह फोटो खिंचवाई थी। उसके लापता होने का पता कुछ ही मिनटों बाद चला, जिसके बाद पुलिस, वन अधिकारियों, आपदा राहत टीमों और थर्मल ड्रोन की मदद से एक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

100 से अधिक कर्मियों और कई विशेष टीमों के साथ ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाकों की चप्पे-चप्पे की तलाशी लेने के बावजूद शुक्रवार तक लड़की का कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार को उसका शव एक ऐसे इलाके में मिला, जिसके बारे में रिश्तेदारों का दावा है कि उस इलाके की तलाशी पहले ही पूरी तरह से ली जा चुकी थी।

शव मिलने के बाद परिवार वालों का शक और भी गहरा गया है। उन्होंने किसी साजिश की आशंका जताते हुए शव मिलने के तरीके में कई विसंगतियों की ओर इशारा किया है। उनके अनुसार कई दिनों तक लापता रहने के बावजूद शव में सड़ने-गलने के बहुत कम निशान थे, और वह उस जगह के बेहद करीब मिला जहां उसे आखिरी बार देखा गया था।

एक रिश्तेदार ने बढ़ते असंतोष को जाहिर करते हुए सवाल उठाया, "हम पहले भी उसी इलाके में मौजूद थे। फिर उस समय वह हमें क्यों नहीं मिली?"पुलिस अधिकारियों ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। चिक्कमगलुरु के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दयामा ने बताया कि शव की पहचान कर ली गई है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि, किसी ऊंचे स्थान से दुर्घटनावश गिरने की संभावना की जांच की जा रही है लेकिन अन्य पहलुओं पर भी गहनता से छानबीन की जा रही है।

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