सिवनी , जनवरी 30 -- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 12वीं की प्रायोगिक परीक्षा के दौरान नकल जांच के नाम पर छात्राओं से यूनिफॉर्म उतरवाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना 29 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, जिसको लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

मामले को लेकर छात्राओं के पालकों ने सिवनी कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पालकों का कहना है कि केन्द्रीय विद्यालय में इस तरह की कार्रवाई विद्यार्थियों के साथ मानसिक प्रताड़ना है और यह कई गंभीर कानूनों का उल्लंघन भी है।

घटना सामने आने के बाद केन्द्रीय विद्यालय के प्राचार्य दीपक कुमार साहू ने गलती स्वीकार करते हुए माना है कि छात्राओं के यूनिफॉर्म उतरवाए गए थे, हालांकि अब तक किसी भी दोषी शिक्षक या बाहरी परीक्षक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई घोषित नहीं की गई है।

शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर सिवनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच दल गठित कर जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत 30 जनवरी की दोपहर जांच दल में शामिल एसडीएम सिवनी श्रीमती पूर्वी तिवारी, डीपीसी महेश बघेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी मनोज लारोकर तथा बाल सुधारालय के अधीक्षक अभिजीत पचौरी केन्द्रीय विद्यालय पहुंचे और जांच प्रारंभ की। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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