जयपुर , फरवरी 01 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में कान, नाक एवं गला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ पवन सिंघल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश केंद्रीय बजट 2026-27 में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क और कर संरचना में वृद्धि करने का स्वागत किया हैं।
राजस्थान स्टेट ईएनटी एसोसिएशन के सचिव डाॅ सिंघल ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया और कहा कि सरकार के तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क एवं कर संरचना को बढ़ाने से इन उत्पादों की खपत में कमी आयेगी और इससे इन उत्पादों का सेवन करने वाले लोगों में भी कमी होगी। उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे जहां इनके सेवन से होने वाले दुष्परिणामों में कमी के साथ इससे होने वाली मौतों में भी कमी आएगी।
उन्होंने केन्द्रीय बजट में मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया है और कहा कि इससे कैंसर जैसी बीमारी में काम आने वाली दवाएं सस्ती होंगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
डाॅ सिंघल ने कहा कि राजस्थान सहित देशभर में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाली बीमारियों से करीब 14 लाख से अधिक तथा प्रदेश में 77 हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के अनुसार राज्य में तंबाकू एवं अन्य धूम्रपान उत्पादों से होने वाले रोगों से प्रतिवर्ष 77 हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है और देशभर में 13.5 लाख एवं विश्वभर में 80 लाख लोगों की जान इससे जाती है। जबकि प्रदेशभर में 300 से अधिक बच्चे और देशभर में 5500 बच्चे प्रतिदिन तंबाकू उत्पादों का सेवन शुरू करते हैं।
राजस्थान में वर्तमान में 24.7 प्रतिशत लोग (5 में से 2 पुरुष, 10 में से एक महिला ) किसी न किसी रुप में तंबाकू उत्पादों का उपभोग करते है जिसमें 13.2 प्रतिशत लोग धूम्रपान के रुप में तंबाकू का सेवन करते है, जिसमें 22.0 प्रतिशत पुरुष, 3.7 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, तथा 14.1 प्रतिशत लोग चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते है, जिसमें 22.0 प्रतिशत पुरुष एवं 5.8 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सभी जानते हैं कि ऐसे उत्पादों के सेवन से मुंह एवं गले के कैंसर के साथ शरीर में और कई तरह की बीमारियां होती हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जागरुकता के अभाव में इसका सेवन करने वाला इस और अग्रसर होता है।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय बजट 2026 में सिगरेट एवं तंबाकू उत्पादों पर नया उत्पाद शुल्क संरचना लागू कर दिया गया है, जिसमें सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर पहले 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ कंपेंसेशन सेस लगता था। अब यह बदलकर अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ अतिरिक्त उत्पादशुल्क (सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति स्टिक) प्लस संबंधित सेस हो गया है, जिससे सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के उपभोग करने वाले हत्तोसाहित होंगे।
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