हरिद्वार , जनवरी 22 -- पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित विश्व के प्रथम इंटीग्रेटेड मैडिसिन सिस्टम तथा योग, आयुर्वेद व आधुनिक चिकित्सा के समन्वय का वैश्विक केंद्र पतंजलि इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल समस्त भारत के नागरिकों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा।
गुरुवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस हॉस्पिटल का उद् घाटन किया। उन्होंने इस दौरान इसका निरीक्षण भी किया और इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम की इस पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि यह हॉस्पिटल विश्व का प्रथम हाइब्रिड हॉस्पिटल बन गया है।
बुधवार को उत्तराखंड के दो दिवसीय भ्रमण पर आए श्री शाह ने रात्रि विश्राम भी पतंजलि में किया। इस दौरान उन्होंने योग, आयुर्वेद व सनातन जीवन पद्धति को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठापित करके रोगमुक्त विश्व का निर्माण कैसे हो, इस पर स्वामी रामदेव के साथ गहन विमर्श व मंथन किया। उन्होंने पतंजलि द्वारा भविष्य में इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर पतंजलि याेगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने कहा कि यहाँ हम 90 से 99 प्रतिशत लोगों को योग, आयुर्वेद, नेचुराेपैथी, पंचकर्म, षट्कर्म, पंच महाभूत चिकित्सा, मेडिकेटिड वाटर व फूड, उपवास, उपासना से ठीक करेंगे। उन्होंने कहा कि बीमारियों के मुख्य कारण- स्ट्रेस, इंफ्लामेशन तथा शरीर का अशुद्धिकरण है। पतंजलि में शिरोधारा, अक्षी तर्पण, कर्ण पूर्ण, नस्य, अभ्यंग, शंख प्रक्षालन, कोलोन थैरेपी, 100 से ज्यादा प्रकार की बस्ती आदि से शरीर का शुद्धिकरण करते हैं।
स्वामी जी ने बताया कि ऋषिकेश, दिल्ली, गुवाहाटी, जम्मू कश्मीर, भोपाल आदि लगभग 10 एम्स में पतंजलि संयुक्त रिसर्च कर रहा है। इसके साथ-साथ आस्ट्रेलिया, यूरोप, अमेरिका सहित विश्व के 25 बड़े मैडिकल इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर वैश्विक स्तर का हम रिसर्च कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनिमल ट्रायल, ह्यूमन ट्रायल, ड्रग डिस्कवरी का पूरा साइंटिफिक मैथड पतंजलि के पास है। इस देश के 100 करोड़ से ज्यादा लोग योग-आयुर्वेद का अनुसरण करते हैं, जिनका रियल वर्ल्ड एविडेंस हमारे पास है। इसके साथ-साथ हमारे पास 1 करोड़ 38 लाख लोगों का क्लिनिकल एविडेंस ईएमआर डेटा के रूप में है।
रामदेव ने कहा कि हमने इस हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग में हृदय रोगियों के लिए एंजियोप्लास्टी, बायपास सर्जरी व पेसमेकर की व्यवस्था की है लेकिन हमारा प्रयास है कि 90 से 99 प्रतिशत लोगों को इनकी आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि यहाँ हम उन्हीं की सर्जरी करेंगे, उन्हीं को पेसमेकर व स्टंट लगायेंगे जो अपने को रिकवर नहीं कर पा रहे हैं। हमारा प्रयास रहता है कि हृदयामृत, कार्डियोग्रिट, अर्जुन की छाल, दालचीनी, लोकी के जूस का प्रयोग कर इजेक्शन फ्रेक्शन को बढ़ाया जा सके, हार्ट ब्लॉकेज को प्राकृतिक तरीकों से रिवर्स किया जा सके।
पतंजलि के संस्थापक स्वामी रामदेव ने कहा कि आर्थिक दृष्टि से कमजोर रोगियों को पतंजलि में उपचार मिलेगा, वहीं समर्थ लोगों को न्यून शुल्क पर बहुत बड़ी उपचार व्यवस्था यहाँ खड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि विश्व का पहला इंटीग्रेटेड हाइब्रिड हाॅस्पिटल पतंजलि में स्थापित किया गया है, भविष्य में इसका विस्तार दिल्ली से लेकर पूरे देश तथा सम्पूर्ण विश्व में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 250 बेड की क्षमता वाला यह नया परिसर अत्याधुनिक अस्पताल पतंजलि इंटीग्रेटेड मेडिसिन सिस्टम पर आधारित है, जिसमें एलोपैथी की आधुनिक तकनीक से सभी प्रकार की मशीनों से डायग्नोज (जांच) की सुविधा है तथा अत्यन्त जटिल मानी जाने वाली ब्रेन, हार्ट, स्पाईन वाली सर्जरी की भी व्यवस्था रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल सर्जरी, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी, डेंटल, आईसीयू और इमरजेंसी मेडिसिन के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टर 24 गुणा 7 सेवाओं में तैनात हैं। यह अस्पताल केवल रोग का उपचार नहीं करेगा अपितु योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं जीवनशैली परामर्श के माध्यम से रोग की जड़ पर काम करेगा।
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