श्रीगंगानगर , अप्रैल 11 -- राजस्थान के बीकानेर जिले के नोखा शहर में केनरा बैंक शाखा में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। डेलू ब्रदर्स नामक एक फर्म की प्रोपराइटर पूजा बिश्नोई ने बैंक प्रबंधक तथा कर्मचारियों पर 1.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
फर्म की प्राेपराइटर बिश्नोई ने बैक प्रबंधक और कर्मचारी पर टर्म लोन और क्रेडिट लिमिट की राशि का दुरुपयोग करने, ओवरड्राफ्ट में कन्वर्ट करने तथा बिना अनुमति के फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग एक करोड़ 57 लाख रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर करने के गंभीर आरोप लगाते हुए नोखा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
नोखा पुलिस के अनुसार काकडा निवासी पूजा बिश्नोई की शिकायत पर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच स्वयं थाना प्रभारी अरविंदकुमार कर रहे हैं।
पीड़िता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने नवंबर 2025 में नोखा के बीकानेर रोड स्थित पीपली चौक पर केनरा बैंक शाखा में अपनी फर्म डेलू ब्रदर्स का खाता खुलवाया था। लगभग तीन महीने पहले सात जनवरी 2026 को उन्होंने व्यापार विस्तार के लिए एक करोड़ 60 लाख रुपये का टर्म लोन और 25 लाख रुपये की क्रेडिट स्कीम लिमिट स्वीकृत कराई थी। लोन में से उन्होंने करीब 95 लाख रुपये उपयोग में ले लिए थे, जबकि शेष राशि फर्म के खाते में जमा थी। गत सात अप्रैल को उनके पति दिनेश बिश्नोई बैंक में अकाउंट की जानकारी लेने गए तो ब्रांच मैनेजर और स्टाफ ने आनाकानी शुरू कर दी। जब उन्होंने बैंक के उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि बैंक कर्मचारियों ने उसके कूटरचित फर्जी हस्ताक्षर कर ऑनलाइन तरीके से सीसी लिमिट बढ़ाई और उसकी अनुमति के बिना पूरी लोन राशि का दुरुपयोग किया गया।
पूजा बिश्नोई ने बताया कि उन्हें लोन की संपूर्ण राशि का उपयोग नहीं मिल सका, जिससे उनके व्यापार को भारी नुकसान हुआ।
अगले दिन आठ अप्रैल को दोबारा बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाने पर सच्चाई सामने आई। स्टेटमेंट में स्पष्ट था कि केनरा बैंक के मैनेजर तथा कर्मचारियों ने फर्म के खाते से लगभग एक करोड़ 57 लाख रुपये गलत तरीके से एचडीएफसी बैंक में अमनसिंह परिहार तथा अन्य अनेक व्यक्तियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। सुश्री बिश्नोई का आरोप है कि बैंक मैनेजर और अन्य स्टाफ ने बिना बताए, बिना समिति के लेन-देन कर धोखाधड़ी और गबन किया है। उन्होंने इन सबके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि अब फर्म के बैंक अकाउंट स्टेटमेंट के आधार पर सभी ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी गई है। जिन खातों में यह राशि ट्रांसफर हुआ है, उनके धारकों की भी पड़ताल की जा रही है। मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
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