हैदराबाद , दिसंबर 23 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार पर जमकर निशाना साधा।

श्री रामाराव ने नलगोंडा में बीआरएस पार्टी कार्यालय में नवनिर्वाचित सरपंचों, उप सरपंचों और वार्ड सदस्यों के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर 'नदी जल प्रबंधन की बुनियादी समझ न होने' का आरोप लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ दल बढ़ते जन आक्रोश के कारण जानबूझकर सहकारी समितियों के चुनावों को टाल रहा है।

बीआरएस नेता ने कांग्रेस सरकार को प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से कमजोर बताया और दावा किया कि हाल के जमीनी स्तर के चुनावी परिणाम बीआरएस के पुनरुत्थान का संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सिंचाई और शासन पर पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के उठाए गए सवालों का जवाब देने में अपनी विफलता से ध्यान भटकाने के लिए 'मुकदमों की राजनीति' और मीडिया में खबरें लीक करने का सहारा ले रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे किसी भी विचाराधीन मामले की सार्वजनिक रूप से घोषणा करें। उन्होंने इसे राजनीतिक धमकी बताते हुए कहा कि गृह मंत्री के रूप में उन्हें पिछले दरवाजे से जानकारी लीक करने के बजाय खुलकर बोलना चाहिए।

श्री रामाराव ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील कृष्णा नदी जल विवाद पर मुख्यमंत्री पर शून्य तकनीकी ज्ञान होने का आरोप लगाया और कहा कि सिंचाई मंत्रियों ने खुद इस विषय पर जवाब देने में अपनी असमर्थता स्वीकार की है। उन्होंने उनके बयानों को खतरनाक रूप से भ्रामक बताया और दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व किसानों की वास्तविकता से कटा हुआ है।

उन्होंने श्री चंद्रशेखर राव को तेलंगाना के नदी जल के उचित हिस्से के लिए लड़ने वाले एकमात्र नेता के रूप में पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में राज्य के हितों की रक्षा करने की न तो क्षमता है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। उन्होंने सरकार पर पालमुरू रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया और दावा किया कि बीआरएस शासन के तहत परियोजना का 90 प्रतिशत काम पूरा होने के बावजूद कांग्रेस दो वर्षों में शेष कार्य पूरा करने में विफल रही है।

श्री रामाराव ने ग्रामीण और सहकारी राजनीति पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस सरकार को सहकारी समिति चुनाव कराने की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल हार के डर से चुनाव टाल रहा है और इसके बजाय नामांकन के माध्यम से पदों को भर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जानती है कि यदि आज चुनाव हुए तो किसान कांग्रेस को नकार देंगे।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने हालिया सरपंच चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि किसानों और खेतिहर मजदूरों के बीच बढ़ता असंतोष सत्तारूढ़ दल के खिलाफ चुनावी संकेतों में बदलने लगा है। उन्होंने कांग्रेस पर पट्टेदार किसानों के लिए रायथु बंधु लाभ और खेतिहर मजदूरों को वित्तीय सहायता सहित प्रमुख चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया।

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