इंफाल , मार्च 13 -- कुकी-ज़ो परिषद (केजेडसी) ने दो कुकी-ज़ो ग्रामीणों की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की है।

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पीड़ितों के शव गुरुवार को बेहद भयावह परिस्थितियों में बरामद किए गए थे। आंखों पर पट्टी बंधी थी और हाथ पीछे बंधे हुए पाए गए थे। इनकी पहचान थौवई कुकी गांव (कामजोंग) के थेंखोगिन बैते (42) और शांगकाई गांव (उखरुल) के थांगबोइमांग खोंगसाई (35) के रूप में हुई है।

परिषद ने शुक्रवार को अपने बयान में इस कृत्य को 'निर्दयी और अमानवीय' बताते हुए कहा कि ये हत्याएं अत्यंत चौंकाने वाली हैं।

बयान में कहा गया है कि जो बात परेशान करने वाली है, वह है इस घटना पर दी गई प्रतिक्रिया। इन दो व्यक्तियों के लापता होने के संबंध में तांगखुल समुदाय के 18 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, लेकिन मणिपुर के मुख्यमंत्री और कई संगठन लापता कुकी-ज़ो ग्रामीणों के बारे में चिंतित होने के बजाय हिरासत में लिए गये लोगों के बारे में ज्यादा चिंतित दिखाई दिए।

परिषद ने इस बात पर जोर दिया कि यह घटना उस दर्दनाक हकीकत को दर्शाती है कि मणिपुर में कुकी-ज़ो समुदाय के जीवन को अभी भी 'महत्वहीन' समझा जा रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि कुकी-ज़ो समुदाय के खिलाफ जारी हिंसा और भेदभाव एक विधायिका वाले अलग केंद्र शासित प्रदेश की तत्काल आवश्यकता को और पुख्ता करते हैं।

परिषद ने कहा, "यह मांग केवल राजनीतिक नहीं है, बल्कि कुकी-ज़ो लोगों के अस्तित्व और भविष्य के लिए अनिवार्य है।" उन्होंने केंद्र सरकार से निर्णायक रूप से कार्य करने और न्याय, सुरक्षा एवं स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक समाधान में तेजी लाने का आग्रह किया।

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