लखनऊ , फरवरी 12 -- लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक बार फिर महिला रेजिडेंट डॉक्टर से कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। बाल रोग विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर पर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अनुचित व्यवहार और मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप लगाए हैं। शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चिकित्सक को निलंबित कर दिया है।
इस बाबत पीड़िता ने परिजनों के साथ संस्थान प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 11 फरवरी को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर सात सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति (विशाखा कमेटी) का गठन किया गया। समिति ने पीड़िता और आरोपी दोनों के बयान दर्ज किए।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच पूरी होने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी। गुरुवार को केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि संस्थान में किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल समिति की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में केजीएमयू के रेजिडेंट डॉ. रमीज से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा था, जिसके बाद संस्थान में आंतरिक आचरण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
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