लखनऊ , दिसम्बर 11 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के क्लिनिकल हिमेटोलॉजी विभाग में स्थापित बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट देश के लाखों जरुरतमंद परिवारों के लिये उम्मीद की किरण बन गयी है।
आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन द्वारा प्रदत्त सीएसआर सहयोग से विकसित की गई यूनिट के लोकार्पण के अवसर पर उन्होने कहा कि रक्त विकार किसी जाति, वर्ग, आयु या सीमाओं में बंधे नहीं होते। ये रोग अबोध बच्चों की मुस्कान, युवाओं के सपनों और परिवारों की धैर्यशक्ति पर गहरा प्रभाव डालते हैं। ल्यूकेमिया, थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया जैसे गंभीर रोग समय पर उपचार न मिलने पर जीवन के लिए चुनौती बन जाते हैं, और ऐसे में अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण अंतिम आशा के रूप में सामने आता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में प्रतिवर्ष लाखों रोगियों को प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, लेकिन सीमित सुविधाओं के कारण विशेषकर उत्तर प्रदेश में कई मरीजों को लंबी प्रतीक्षा और दूर-दराज़ की यात्रा का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में केजीएमयू लखनऊ में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की स्थापना प्रदेश और देश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए नई आशा लेकर आई है।
उन्होने केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री डॉ. सोनिया नित्यानंद की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से एसजीपीजीआई, डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान और अब केजीएमयू में प्रत्यारोपण इकाइयों की स्थापना संभव हो सकी है। उन्होंने आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती राजश्री बिरला का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सीएसआर सहयोग से हेपा-फिल्टर युक्त स्वच्छ कक्षों का विस्तार किया जा रहा है।
राज्यपाल ने कैनकिड्स किड्सकैन संस्था द्वारा बच्चों के कैंसर उपचार में दी जा रही परामर्श, पोषण, औषधि सहायता और देखभाल सेवाओं की प्रशंसा की और कहा कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपचार अभी भी अत्यंत महंगा है, और कई गरीब मरीज आर्थिक अभाव में उपचार से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में केजीएमयू की यह यूनिट प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज़ राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदायी सहारा बनेगी। उन्होंने कहा कि जब विज्ञान संवेदना से जुड़ता है और संस्थाएँ सेवा का संकल्प लेकर कार्य करती हैं, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। भारत आज आत्मनिर्भरता, नवाचार, आधुनिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से 'स्वस्थ भारत समर्थ भारत' के संकल्प को साकार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन समय में भारत ने जिस धैर्य, संगठन क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टि का परिचय दिया, वह विश्व के लिए उदाहरण है। आज नर्स, डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मी देश के मौन लेकिन महान योद्धा हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यह कालखंड भारत के पुनर्जागरण का युग है, जहाँ इतिहास के महानायक सरदार पटेल, भगवान बिरसा मुंडा, गुरु तेग बहादुर जी और "वंदे मातरम" जैसी राष्ट्रीय चेतना की ध्वनि हमें निरंतर प्रेरित करती है। भारत आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आत्मविश्वास का केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होने कहा कि केजीएमयू में बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा देगा और आधुनिक, उन्नत व विश्वस्तरीय चिकित्सा को और अधिक सुलभ बनाएगा।
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