रांची , फरवरी 25 -- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में छठे दिन सदन में प्रश्नोतरकाल की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चली और पक्ष-विपक्ष के विभिन्न सदस्यों के सवाल कर सरकार की ओर से जवाब दिया गया।
भोजनावकाश के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य वाद-विवाद के बाद सरकार की ओर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जवाब देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियां की चर्चा की और कहा कि केंद्र सरकार झारखंड को पूरा सहयोग नहीं कर रही है । इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने पर प्रश्नकाल में अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से भाजपा विधायक अमित कुमार यादव ने ग्राम सेतु योजना के तहत पुल निर्माण में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी पुल की लंबाई ज्यादा होने के कारण 10 करोड़ रुपये की निर्धारित राशि कम पड़ जाती है। इस पर सदन में अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में अपने विधानसभा क्षेत्र में एक पुल का निर्माण कराने की मांग कर रहे है, लेकिन पुल नहीं बन सका। इसका मुख्य कारण निर्माण लागत की अधिकता रही। इसलिए पुल का निर्माण पथ निर्माण विभाग को ट्रांसफर कर देने की मांग रखे।
इस पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने स्पष्ट किया कि विधायक की अनुशंसा पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने का प्रावधान है। इससे अधिक लागत आने पर अतिरिक्त राशि स्वीकृत नहीं की जा सकती। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सीमा नियमावली के अनुसार तय की गई है और इसका पालन अनिवार्य है।
जेडीयू विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम से जुड़ी छह योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति में कथित देरी को लेकर उठाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास विभाग के सचिव को इन योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने जानना चाहा कि 17 फरवरी को जिला योजना चयन समिति की बैठक में चयनित इन योजनाओं को मुख्य अभियंता, तकनीकी कोषांग द्वारा तकनीकी स्वीकृति मिली है या नहीं। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब दिया कि योजनाओं की स्वीकृति पूर्व में ही दे दी गई है और विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक पत्र भी भेज दिया गया है।
इस बीच भाजपा विधायक रागिनी सिंह ने सदन में अर्जेंट सूचना के माध्यम से सरकार का ध्यान इस मामले की ओर दिलाया। विधायक ने बताया कि 23 तारीख को झरिया क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों के बीच एक मासूम बच्चा सो रहा था। इसी दौरान उसे रौंद दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और दिल दहलाने वाली है। रागिनी सिंह ने यह भी कहा कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले अक्टूबर महीने में सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग में भी इसी तरह का हादसा हुआ था। अब देव फार्मा के पास दोबारा ऐसी घटना होने से लोगों में डर और गुस्सा है।
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने विधानसभा में धनबाद में एयरपोर्ट बनाने का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि धनबाद के लोग बार-बार धनबाद में एयरपोर्ट बनाने की मांग करते हैं। अरूप चटर्जी के सवाल पर विधायक मथुरा महतो ने भी साथ दिया और एयरपोर्ट की मांग रखी।
विधायक ने सदन में कहा कि धनबाद में एयरपोर्ट बनाने से सवाल का जवाब सरकार की ओर से आ चुका है, जिसमें कहा गया है कि जमीन की कमी और नजदीक में 50 किलोमीटर की दूरी पर बोकारो एयरपोर्ट का काम प्रगति पर है, इससे धनबाद में पर्याप्त जमीन के अभाव में एयरपोर्ट नहीं बनाया जा सकता है। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री दीपक बरुआ ने कहा कि धनबाद में बरवाअड्डा हवाई पट्टी है, जो 37 एकड़ में है। कैटेगरी 1 के लिए 113 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। जहां एयरपोर्ट है, वहां सघन आबादी का इलाका है इसलिए इसका विस्तार वहां पर संभव नहीं है। मंत्री ने बताया कि बोकारो में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया जारी है। लेकिन अरूप चटर्जी ने कहा कि धनबाद में जमीन की कोई कमी नहीं है सरकार की अगर मंशा एयरपोर्ट बनाने की है तो जमीन उपलब्ध हो जाएगा। एफसीआई के पास 4000 एकड़ जमीन है, तोपचांची में 800 एकड़ जमीन है। अगर सरकार चाहे तो इनसे जमीन लेकर बड़े एयरपोर्ट का निर्माण किया जा सकता है।
लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमलाल मुर्मू ने विधानसभा सत्र के शून्य काल के दौरान हिरणपुर प्रखंड में महिला महाविद्यालय की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं के लिए अभी तक कोई महिला महाविद्यालय नहीं है, जिसके कारण यहां की युवतियां अक्सर पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। विधायक ने बताया कि हिरणपुर प्रखंड में महिला महाविद्यालय के निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने सदन से आग्रह किया कि इस प्रखंड में महिला महाविद्यालय की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र की युवतियां उच्च शिक्षा हासिल कर सकें और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। हेमलाल मुर्मू ने जोर देते हुए कहा कि महिला महाविद्यालय के निर्माण से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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