मुंबई , जनवरी 16 -- सुपरफूड बन चुकी ब्रोकली की खेती और इसके प्रसार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार एक विशेष नीति तैयार करने पर विचार कर रही है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के उप-आयुक्त (प्राकृतिक खेती और जलवायु परिवर्तन) डॉ. मेहराज ए.एस. ने 'ब्रोकली खपत सम्मेलन-2026' के दौरान बताया कि सरकार इसकी खेती, भंडारण और प्रसंस्करण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सब्जी क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला सम्मेलन है, जो स्वास्थ्य लाभ और मूल्य संवर्धन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
डॉ मेहराज ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को खेती सिखाने के बजाय उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि ब्रोकली के क्षेत्र में एक 'उत्कृष्टता केंद्र' स्थापित किया जा सकता है, जिसके लिए जापानी सरकार का सहयोग लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, ब्रोकली के सुरक्षित भंडारण के लिए मौजूदा कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं में सुधार करने और भविष्य में इसकी जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया, जिसके लिए सरकार वित्तीय और तकनीकी मदद सुनिश्चित करेगी।
इस अवसर पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भी अपने अनुभव साझा किये और बताया कि कैसे ब्रोकली उनके दैनिक आहार का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। उन्होंने स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए प्राकृतिक आहार के महत्व को रेखांकित किया।
सम्मेलन में स्पेन की ब्रोकली क्रांति के जनक जेवियर बरनाबू और प्रोफेसर डॉ. शालिनी आर्या ने भी भाग लिया और इस सब्जी के वैश्विक परिदृश्य एवं स्वास्थ्य संबंधी फायदों पर चर्चा की।
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