हैदराबाद , फरवरी 10 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि तेलंगाना और अन्य दक्षिणी राज्यों के साथ 'वित्तीय भेदभाव' किया जा रहा है। उन्होंने धन के वितरण में कमी को राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित 'संघीय ढांचे पर हमला' करार दिया।

श्री राव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार अक्सर विकास कार्यों का श्रेय लेती है, लेकिन सचाई यह है कि वितरित किया जा रहा धन तेलंगाना के नागरिकों का अपना है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि तेलंगाना केंद्र को कर के रूप में 1,33,208 करोड़ रुपये देता है, जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं सहित राज्य को केवल 51,000 करोड़ रुपये ही वापस मिलते हैं।

श्री राव ने कहा कि दक्षिणी राज्य देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और केंद्रीय कर राजस्व में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने बताया कि 2018-19 और 2022-23 के बीच केंद्र ने देशभर से 90.80 लाख करोड़ रुपये का कर एकत्र किया, जिसमें से 22.86 लाख करोड़ रुपये अकेले दक्षिणी राज्यों से आए। हालांकि, इस भारी-भरकम राशि का केवल 16.3 प्रतिशत ही इन राज्यों को वापस मिला। यह 'राजकोषीय संघवाद' की भावना के विरुद्ध है।

उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच फंड वितरण में भारी असंतुलन का दावा करते हुए कहा कि दक्षिणी राज्यों को कर के रूप में दिये गये प्रत्येक एक रुपये पर केवल 30 पैसे वापस मिलते हैं। इसके विपरीत, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों को प्रति रुपये चार रुपये तक मिलते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह प्रवृत्ति आर्थिक असमानता और उत्तर-दक्षिण के बीच की खाई को और गहरा करेगी।

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