नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर के विस्तार के लिये बुधवार को भूमि पूजन किया गया। यह विस्तार विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर के साथ लगे 1200 वर्ग मीटर डीडीए भूखंड के आवंटन के बाद किया गया।

भूमि पूजन समारोह पद्मश्री भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष प्रो. चमूकृष्ण शास्त्री, विशिष्ट अतिथि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक और शिक्षा मंत्रालय एवं परामर्शदाता (भाषा) की संयुक्त सचिव मनमोहन कौर की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने की।

कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना एवं हवन से किया गया। इस अवसर पर ध्यान मंदिर एवं पूजा स्थल हेतु शिव पंचायतन की विधिवत पूजा-अर्चना कर स्थापना की गई।

इस अवसर पर प्रो. चमु कृष्ण शास्त्री ने कहा कि केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भारतीय भाषाओं, शास्त्रीय ज्ञान एवं सांस्कृतिक चेतना का एक अग्रणी केन्द्र बनकर उभर रहा है। भूमि पूजन का यह अवसर विश्वविद्यालय के भौतिक विस्तार के साथ-साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि डीडीए द्वारा प्रदत्त यह भूमि विश्वविद्यालय के अधोसंरचनात्मक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यालय परिसर में चल रही भवन की कमी के कारण अनेक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जो अब इस भूमि आवंटन से दूर हो सकेंगे व जल्दी ही भवन भी बन सकेगा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक गतिविधियों को और अधिक विस्तार मिलेगा।

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