नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) राज्य मंत्री तोखन साहू ने यहां रविवार को पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों तथा कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन जैसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं से जुड़े निर्माण श्रमिकों के साथ संवाद किया। ज्ञात रहे कि इन सभी को विशेष अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस 2026 समारोह में आमंत्रित किया गया है।
इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास काथितिकला सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समावेशी, जन-केंद्रित शहरी विकास और अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में स्ट्रीट वेंडर्स और निर्माण श्रमिकों ने अपने अनुभव और सरकारी हस्तक्षेपों से उनके जीवनयापन, वित्तीय समावेशन, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा में सुधार हुआ है और वे देश के विकास में भागीदार बनने में भूमिका को साझा किया।
इस अवसर पर श्री साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस अब केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जन भागीदारी का सजीव उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब ये विशेष अतिथि परेड देखेंगे, तो पूरी दुनिया देखेगी कि 'नये भारत' की नींव श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों और आम नागरिकों की ताकत पर टिकी है।
श्री साहू ने पीएम स्वनिधि योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केवल ऋण योजना नहीं, बल्कि गरिमा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का मिशन है, जिसके तहत अब तक एक करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने क्यूआर आधारित डिजिटल भुगतान और हाल ही में शुरू किए गए 30,000 रुपये तक की क्रेडिट कार्ड सुविधा का भी उल्लेख किया। इस योजना को मार्च 2030 तक बढ़ाया जाना सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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