लखनऊ , फरवरी 1 -- केंद्रीय बजट 2026-27 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी, रेशम, हथकरघा और वस्त्रोद्योग को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से उत्पादन, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने तथा उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल' शुरू करने का प्रस्ताव है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कारीगरों-बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी देने का प्रावधान किया गया है। TReDS प्लेटफॉर्म के विस्तार से छोटे उद्यमों को समय पर भुगतान और कार्यशील पूंजी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 'कॉरपोरेट मित्र' व्यवस्था और 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के कायाकल्प की योजना से पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिलेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुल्क-मुक्त आयात और समय-सीमा विस्तार जैसे कदम भी प्रस्तावित हैं, जिससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
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