कुशीनगर , फरवरी 2 -- केंद्रीय बजट में पर्यटन और पुरातत्व क्षेत्र पर विशेष जोर दिए जाने से कुशीनगर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल को नई गति मिलने की उम्मीद है।

बजट में देश के 15 पुरातात्विक स्थलों और 20 प्रमुख टूरिस्ट साइट्स के विकास के साथ ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। चयनित स्थलों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे तथा 10,000 टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षित कर उनके कौशल का उन्नयन किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के विकास की योजना भी प्रस्तावित है।

कुशीनगर के टूरिस्ट गाइड डॉ. अभय राय ने कहा कि 20 प्रमुख टूरिस्ट साइट्स पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की पहल सराहनीय है। इससे पर्यटन स्थलों पर 'अतिथि देवो भवः' की भावना के अनुरूप बेहतर सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि योजना का दायरा भविष्य में बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे कुशीनगर के पर्यटन और पुरातात्विक महत्व को और मजबूती मिले।

राज्यसभा सांसद कुंवर आर.पी.एन. सिंह ने कहा कि बजट में पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण का प्रावधान देश की धरोहरों को सुरक्षित रखने की दिशा में सकारात्मक कदम है। हालांकि फिलहाल 20 स्थलों को शामिल किया गया है, लेकिन आगे इसका विस्तार आवश्यक है, ताकि कुशीनगर के बुद्ध से जुड़े फाजिलनगर क्षेत्र के पुरातात्विक स्थलों को भी प्राथमिकता मिल सके और उन्हें विश्व पटल पर व्यापक पहचान प्राप्त हो।

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