रांची , फरवरी 08 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर किए गए दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बयान वास्तविकताओं से परे और केवल राजनीतिक प्रचार मात्र है।
श्री मुंजनी ने आज कहा कि केंद्रीय बजट में झारखण्ड के लोगों की बुनियादी समस्याओं महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, युवाओं के अवसर और सामाजिक सुरक्षा का ठोस समाधान कहीं दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कहा कि कर हस्तांतरण और अनुदान को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करना भ्रामक है, क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, कोई विशेष कृपा नहीं।
उन्होंने कहा कि झारखण्ड जैसे खनिज संपन्न राज्य को उसके अधिकार से कम संसाधन मिल रहे हैं, जबकि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन लगातार जारी है। भाजपा को यह बताना चाहिए कि राज्य को विशेष उद्योग पैकेज, रोजगार सृजन या कृषि क्षेत्र के लिए क्या ठोस नई घोषणाएँ मिलीं।
मुजनी ने कहा कि रेलवे, सड़क और हवाई परियोजनाओं की चर्चा करने से पहले भाजपा यह स्पष्ट करे कि झारखंड राज्य का बकाया पैसा 136000 करोड़ एवं राज्य में लाखों युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी क्यों नहीं दी गई, और महंगाई पर नियंत्रण के लिए बजट में कौन-सा ठोस कदम उठाया गया। आदिवासी कल्याण के नाम पर योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, पर जमीन पर विस्थापन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
श्री मुंजनी ने कहा कि भाजपा हर बजट को "ऐतिहासिक" बताकर जनता की अपेक्षाओं को अनदेखा करती आई है। सच्चाई यह है कि झारखण्ड को उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में जिस व्यापक निवेश और नीति समर्थन की जरूरत है, वह इस बजट में अनुपस्थित है। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि बजट का मूल्यांकन प्रचार से नहीं, बल्कि जनता के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से होना चाहिए। भाजपा को आत्मप्रशंसा छोड़कर झारखण्ड की जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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