फिरोजाबाद , फरवरी 01 -- केंद्रीय बजट से आम जनता और स्थानीय उद्योग जगत को राहत की उम्मीद थी, लेकिन विशेष घोषणाएं न होने से निराशा देखने को मिली।
स्थानीय ग्लास सिंडिकेट के डायरेक्टर हनुमान प्रसाद गर्ग ने कहा कि कांच उद्योग के लिए बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई। फैक्ट्रियों में उपयोग होने वाली प्राकृतिक गैस पर टैक्स में कोई कमी नहीं की गई और जीएसटी दरों में भी पूर्व की तरह कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे उद्योग को सीधा लाभ नहीं मिल सका।
वहीं, टैक्सेशन के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप कुमार मित्तल ने बजट को संतुलित बताया। उन्होंने कहा कि आयकर स्लैब में भले कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न भरने तथा अघोषित आय घोषित करने का विकल्प सराहनीय है। नया टैक्स नहीं लगाया गया और आयकर रिटर्न की सरलीकरण योजना को भी सकारात्मक कदम बताया।
वरिष्ठ नागरिक उमाकांत पचौरी एडवोकेट ने कहा कि बजट में वरिष्ठ नागरिकों की अपेक्षाओं की अनदेखी की गई है। हालांकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने और नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा को उन्होंने स्वागतयोग्य बताया। कुल मिलाकर बजट पर जिले में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित