चंडीगढ़ , फरवरी 02 -- भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल संघ (फिक्की) की पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश एडवाइजरी काउंसिल ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है।

फिक्की के अध्यक्ष रमन मित्तल ने सोमवार को कहा कि यह बजट सुधारों को आगे बढ़ाने, बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च बढ़ाने और नयी उम्र की और श्रम-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, साथ ही किसानों और समाज के कमजोर वर्गों को सहारा देने पर भी जोर देता है। उन्होंने कहा कि यह बजट भारत की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम मोड़ पर आया है। भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के कारण वैश्विक बाजारों तक नयी और बड़ी पहुंच खुल रही है। ऐसे समय में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और कृषि-यंत्रीकरण (एग्री-मेकनाइजेशन) एक बड़े निर्यात-आधारित विकास चक्र की दहलीज पर खड़े हैं। यह बजट नवाचार को तेज करने, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने का स्पष्ट नीतिगत संकेत देता है, ताकि भारत की विकास यात्रा में किसान हमेशा केंद्र में बने रहें।

श्री मित्तल ने कहा कि बजट में कृषि और सहकारिता, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कपड़ा, खेल सामान और दवा (फार्मा) क्षेत्रों के समर्थन से जुड़े जो प्रस्ताव किये गये हैं, वे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसानों और उद्यमियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होंगे।

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