चंडीगढ़ , फरवरी 04 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में केंद्रीय बजट 2026-27 की प्रमुख बारीकियों पर चर्चा करते हुए बुधवार को कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के चार मजबूत स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान इस बजट की प्राथमिकता में हैं। देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा कौशल विकास और शिक्षा क्षेत्र के लिए एक लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है, जिससे गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान हरियाणा के स्टार्टअप पारिस्थिति तंत्र को और मजबूत करेगा। महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8000 करोड़ रुपये तथा बायोफार्मा मिशन के तहत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये और मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का समर्थन मिलने से गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एक लाख 62 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्रों के किसानों को नए अवसर प्राप्त होंगे। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन से पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई-स्पीड रेल, टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर जोर देने से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार होगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5547 करोड़ रुपये अधिक हैं। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन राज्य के विकास को नई गति देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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