पटना , मार्च 06 -- भवन निर्माण विभाग की केंद्रीय प्रयोगशाला, पटना में निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
विभागीय स्तर पर इस आधुनिक प्रयोगशाला में अब तक 100 से अधिक परियोजनाओं की सामग्रियों की जांच पूरी की जा चुकी है, जिसमें पंचायत सरकार भवन, हॉस्टल, पीओ क्वार्टर, आवासीय विद्यालय, हाजत भवन, ऑडिटोरियम आदि महत्वपूर्ण निर्माण शामिल हैं।
पटना भवन अंचल कार्यालय में स्थापित केंद्रीय प्रयोगशाला का निर्माण कंक्रीट, ईंट, सरिया और अन्य आवश्यक सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा निर्माण कार्यों की सतत निगरानी करना है। 21 मार्च, 2025 को केंद्रीय प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया था। यह सभी निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
विभागीय सचिव कुमार रवि ने बताया कि विभागीय स्तर पर जांच होने से न केवल खर्च बल्कि समय की भी बचत हो रही है। विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों में ईंट, क्यूब मोल्ड (कंक्रीट क्यूब टेस्टिंग के लिए), बालू, गिट्टी आदि सामग्रियों की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला में 55 से अधिक आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है, जो पुरानी, निर्माणाधीन और भविष्य की संरचनाओं के गहन परीक्षण के लिये सक्षम है।उन्होंने बताया कि अभियंताओं को स्पष्ट निदेश दिया गया है कि गुणवत्ता जांच के लिये सैंपल केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा जाय।
श्री रवि ने बताया कि विभागीय प्रयोगशाला के माध्यम से जांच होने से थर्ड पार्टी जांच पर निर्भरता कम हुई है। इससे संवेदक की जांच रिपोर्ट और विभागीय जांच रिपोर्ट में मिलाने में मदद मिल रही है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और संपत्ति का सदुपयोग सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा विभाग की उड़नदस्ते की टीम के द्वारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण हेतु साप्ताहिक स्थल निरीक्षण की जा रही है। इसके लिए उड़नदस्ते की टीमें गठित की गईं हैं।विभाग का यह कदम बिहार में मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण भवनों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता वाली इमारतें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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