पटना , मार्च 13 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित केंद्रीय आयुध डिपो से एके-47 राइफल की चोरी और बरामदगी के मामले में शुक्रवार को पांच आरोपियों को 10-10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ चार लाख साठ हजार रुपए तक का जुर्माना भी किया।
एनआइए के विशेष न्यायाधीश मधुकर सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद आरोपित केंद्रीय आयुध डिपो के पूर्व स्टोर कीपर सुरेश ठाकुर, पूर्व फौजी पुरुषोत्तम लाल रजक, नियाजुल रहमान, मोहम्मद इमरान आलम एवं शमशेर आलम को भारतीय दंड विधान एवं शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। विशेष अदालत ने दोषी सुरेश ठाकुर को 460000 रुपए जबकि अन्य चार दोषियों में प्रत्येक को 360000 रुपए जुर्माना किया है। दूसरी ओर इसी मामले में आरोपित नौ अभियुक्तों शिवेन्द्र रजक उर्फ शैलेन्द्र रजक, चन्द्रावती देवी, राजीव सिंह उर्फ चुन्नू सिंह, रिजवाना बेगम, मोहम्मद इरफान आलम, मनोज सिंह उर्फ मांजी, मंजर आलम, बजरंग शंकर और मोहम्मद मुर्शीद उर्फ सुरमा को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
अधिवक्ता ठाकुर मनीष मोहन ने बताया कि मुंगेर जिले में एक अभियुक्त के पास से एक-47 राइफल की बरामदगी की गई थी और फिर उसकी निशानदेही के बाद कई और रायफलों की बरामदगी की गई।
इस मामले में पहले जमालपुर के मोफस्सिल थाना में कांड संख्या 334/2018 के रूप में पहली प्राथमिकी आईपीसी और यूएपीए एक्ट के विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। बाद में मामला एनआईए को सौंपा गया। एनआईए की जांच के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश के करीब 12 जगहों पर छापेमारी की गई और लगभग 20 एके 47 राइफलों की बरामदगी की गई थी।
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