ब्यावर , अप्रैल 06 -- आध्यात्मिक गुरु एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कृष्ण नीति का सार आज के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि जब व्यक्ति धर्म के अनुसार आचरण करता है, तो उसके भीतर संतुलन आता है और समाज में भी सामंजस्य बनता है।
स्वामी गिरी महाराज राजस्थान के ब्यावर में श्री सीमेंट लिमिटेड की सीएसआर इकाई श्री फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित कृष्ण नीति दर्शन कथा के समापन पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि कृष्ण नीति का अर्थ भगवान श्रीकृष्ण के मूल्यों को अपनाना, अपने कर्तव्य को बिना फल की चिंता के करना और सेवा की भावना से जीवन जीना।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे , राज्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, अजमेर के संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़, ब्यावर के जिला कलेक्टर कमलराम मीणा और पुलिस अधीक्षक रतन सिंह मौजूद थे। इनके अलावा विधायक वीरेंद्र कानावत, शंकर सिंह रावत एवं यूनुस खान सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम, क्षेत्रीय संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ सदस्य नरपत सिंह शेखावत भी मौजूद थे।
हर शाम चार से सात बजे तक कथा का आयोजन हुआ, जो एक गहरा और भावपूर्ण अनुभव रहा। बड़ी संख्या में परिवार, कर्मचारी और स्थानीय लोग इसमें शामिल हुए। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े ऐसे संदेश दिए गए, जो हमें धर्म के मार्ग पर चलने, जिम्मेदारी निभाने और निःस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा देते हैं।
इस कथा का समापन श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के वार्षिक उत्सव के साथ हुआ, जिसमें भगवान हनुमान की रथ यात्रा निकाली गई। यह आयोजन भी स्वामी गिरी महाराज के मार्गदर्शन में श्री फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा किया गया। पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बांगुर परिवार के सदस्यों ने हनुमानजी की मूर्ति को रथ पर स्थापित किया। भक्ति संगीत के साथ निकली इस शोभायात्रा में बांगुर परिवार, श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक नीरज अखौरी, वरिष्ठ अधिकारी, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर मंदिर में पूजन एवं हवन भी किया गया।
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