देवरिया , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में प्रदेश का कृषि क्षेत्र व्यापक बदलाव से गुजरा है और उत्तर प्रदेश अब "बीमारू" छवि से निकलकर देश का अग्रणी कृषि राज्य बन चुका है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, तकनीकी हस्तक्षेप और योजनाओं के सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए कृषि को मजबूत आधार प्रदान किया है। शाही के अनुसार, योगी सरकार का कार्यकाल पूर्व की सरकारों की तुलना में अधिक प्रभावी रहा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। इसके अलावा गन्ना किसानों को अब तक 3.15 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। गन्ने का मूल्य 300 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति कुंतल किए जाने से किसानों की आय में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने 30 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई से जोड़ा है। 92 हजार से अधिक पीएम कुसुम सोलर पंप लगाए गए हैं, जिन पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया। साथ ही 16 लाख किसानों के नलकूपों के बिजली बिल माफ किए गए हैं और 3600 करोड़ रुपये का भार सरकार उठा रही है।

शाही ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों को 99,500 करोड़ रुपये सीधे खातों में भेजे गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 9 वर्षों में 67 लाख से अधिक किसानों को 5660 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 2017 के 547 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 737 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उत्तर प्रदेश आज खाद्यान्न, दूध, गन्ना, गेहूं और धान उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान पर है।

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