राजनांदगांव , दिसंबर 22 -- उद्यानिकी विभाग एवं अम्मा पाम प्लांटेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में सोमवारको डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम लभानिनभाठा में कृषकों को ऑयल पाम की खेती के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑयल पाम की खेती की तकनीक, तेल का उपयोग, खाद्य महत्व एवं व्यावसायिक लाभ की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान कंपनी प्रतिनिधि सिद्धार्थ चन्द्राकर ने पौधरोपण से लेकर पौधों की देखरेख, सिंचाई व्यवस्था, उत्पादन प्रक्रिया एवं कुल शुद्ध आय के विषय में कृषकों को विस्तार से अवगत कराया।

वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी आरके मेहरा ने ऑयल पाम की खेती पर उपलब्ध अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी विभाग द्वारा ऑयल पाम की खेती के लिए शत-प्रतिशत अनुदान पर पौधे कृषकों के खेत तक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही पौधों के रखरखाव हेतु 21 हजार रुपये, अंतर्वर्तीय फसल रोपण के लिए 21 हजार रुपये तथा ड्रिप सिंचाई स्थापना के लिए 17 हजार 269 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान दो हेक्टेयर तक ऑयल पाम का रोपण करता है, तो उसे अतिरिक्त रूप से नलकूप खनन हेतु 50 हजार रुपये एवं पंप प्रतिस्थापन के लिए 27,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

वहीं रोपण के पश्चात फलन उपरांत यदि किसान तीन वर्ष तक ऑयल पाम की खेती करता है, तो ट्रैक्टर खरीदने के लिए दो लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान देय होगा।

उत्पादन एवं आय के संबंध में बताया गया कि प्रति हेक्टेयर 143 पौधों के रोपण से लगभग 20 टन उपज प्राप्त होती है। वर्तमान बाजार दर 16 से 22 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार प्रति हेक्टेयर लगभग तीन लाख 20 हजार रुपये तक की आमदनी संभव है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषक एनेश्वर वर्मा, मनीराम लिल्हारे, गैंदलाल देवांगन, ओम प्रकाश देवांगन, नवीन परमार सहित अन्य कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग से जीएस सोनकुसले, गिरजाशंकर राणा, श्वेता सिंह, दीपिका खाण्डेकर तथा अम्मा ऑयल पाम प्लांटेशन कंपनी से हेमंत साहू एवं लेखराज साहू मौजूद रहे।

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