सिलीगुड़ी , अप्रैल 04 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को उत्तर बंगाल के कूच बिहार शहर का दौरा करने वाले हैं, जिसे लेकर राज्य भाजपा नेतृत्व ने उनकी जनसभा की तैयारियां तेज कर दी हैं।
राज्य भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने शनिवार को रास मेला मैदान का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के लोग प्रधानमंत्री के संदेश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मालदा में हालिया अशांति और न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से बंधक बनाए जाने की घटना का जिक्र करते हुए श्री भट्टाचार्य ने इसे "पूर्व नियोजित, प्रेरित और तृणमूल कांग्रेस द्वारा समर्थित" बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए गए, ताकि अशांति फैलाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
श्री भट्टाचार्य ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया और फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के प्रबंधन में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में फॉर्म-7 के आवेदन जबरन छीनकर नष्ट कर दिए गए, जबकि फॉर्म-6 के वास्तविक आवेदकों के नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शी और त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से कोलकाता में रहकर स्थिति की निगरानी करने का आग्रह किया।
श्री भट्टाचार्य ने कहा, "आगामी चुनाव सिर्फ भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि जनता और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच है," और दावा किया कि राज्य में तृणमूल को हराने की क्षमता केवल भाजपा के पास है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कूच बिहार में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और तृणमूल कांग्रेस हार के डर से हमले करवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने उत्तर बंगाल में सुरक्षा खतरों को लेकर भी चिंता व्यक्त की और दावा किया कि कुछ चरमपंथी तत्व सीमावर्ती इलाकों, खासकर कूच बिहार, का इस्तेमाल स्लीपर सेल बनाने के लिए कर रहे हैं।
श्री भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया का आकलन अंततः उच्चतम न्यायालय और पश्चिम बंगाल की जनता करेगी।
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