बहराइच , जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले ने कुष्ठ रोग नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए प्रदेश स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सफलता सतत निगरानी, समय पर रोग की पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और समुदाय स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियानों का परिणाम है। इन प्रयासों से जनपद में कुष्ठ रोग के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सका है और नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है।
जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनय श्रीवास्तव ने बताया कि बीते वर्षों में स्थिति में निरंतर सुधार हुआ है। वर्ष 2022-23 में जहां 214 नए रोगी सामने आए थे और प्रसार दर 0.50 थी, वहीं 2023-24 में 252 रोगियों के साथ यह 0.59 रही। इसके बाद 2024-25 में प्रसार दर फिर घटकर 0.50 पर आ गई और 2025-26 में 205 नए रोगियों के साथ यह और कम होकर 0.43 तक पहुंच गई।
जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. पवन कुमार वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य प्रति 10 हजार आबादी पर नए रोगियों की संख्या को एक से कम रखना है। इसी लक्ष्य के तहत जनपद में सभी नए रोगियों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को एकल खुराक रिफाम्पिसिन (पीईपी) दी जा रही है, जिससे संक्रमण के फैलाव को न्यूनतम स्तर पर लाने में सफलता मिली है।
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