कुशीनगर , फरवरी 23 -- बुद्ध स्थली कुशीनगर स्थित थाई मॉनेस्ट्री कुशीनगर में माघी अमावस्या के अवसर पर आयोजित समारोह के पांचवें दिन धम्म वंदना और गाजे-बाजे के साथ बुद्ध धातु शोभायात्रा निकाली गई। इसमें देश-विदेश से आए भिक्षु, उपासक और अतिथि शामिल हुए।
सोमवार को थाई बौद्ध धर्म गुरु फ्रा था थेप बोधियोंग के निर्देश और थाई मंदिर के प्रमुख भिक्षु फ्राविडेश्चेरियन (डॉ. पी सोम पोंग) की देखरेख में विशेष पूजन-अर्चन किया गया। दोपहर बाद फ्रा बोधियोंग, थाईलैंड के संघ राजा, नरोंग लिट, भंते नंदका, डॉ. कितिफान, राज्य महासचिव महिला स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका वर्मा तथा राज बंधु खन्ना की अगुआई में सजे-धजे हाथियों और रथों पर सवार भिक्षुओं व अतिथियों ने शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा में सुनहरे परिधानों में सुसज्जित थाई महिला कलाकारों का पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। यात्रा थाई मंदिर से बुद्ध मार्ग होते हुए महापरिनिर्वाण मंदिर कुशीनगर पहुंची, जहां फ्रा बोधियोंग ने दीप प्रज्वलित कर पूजन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने विश्व को करुणा, मैत्री और शांति का संदेश दिया और उनकी शिक्षाओं में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। इसके पश्चात तथागत बुद्ध का विशेष पूजन कर चीवर अर्पित किया गया।
मुख्य अतिथि महाराजा यतीन्द्र मोहन प्रताप मिश्रा ने भारत-थाई संबंधों पर प्रकाश डाला। मंगलवार सुबह थाई मंदिर से मुकुट बंधन चैत्य तक बुद्ध धातु वितरण शोभायात्रा निकाले जाने की घोषणा की गई है। यात्रा में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेटों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन फ्रा सोन क्रान ने किया तथा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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