कुल्लू , मार्च 04 -- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहना में मनरेगा के तहत ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितताओं और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के मामले में लोकपाल ने पांच अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से लगभग 5.52 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई रोपड़ी गांव निवासी रामकृष्ण ठाकुर और 11 अन्य ग्रामीणों द्वारा दायर शिकायत के बाद की गई। शिकायत में वर्ष 2021-22 के दौरान मनरेगा के तहत कोटनाला से रोपड़ी तक सीमेंट कंक्रीट ट्रैक्टर सड़क के निर्माण में धन के दुरुपयोग और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
परियोजना पर लगभग 11 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। लोकपाल के निर्णय के अनुसार शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया कंक्रीट और अपर्याप्त सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण सड़क निर्माण के दो वर्ष के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गयी। शिकायत में यह भी कहा गया कि कार्य के दौरान मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो मनरेगा के श्रम-प्रधान कार्यों के प्रावधानों के विपरीत है। इसके अलावा 60:40 के अनिवार्य श्रम-सामग्री अनुपात का भी उल्लंघन किया गया और सामग्री पर अधिक खर्च दिखाया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 10 लाख रुपये के व्यय में से अधिकांश राशि सामग्री पर खर्च दिखाई गयी, जबकि श्रम मद में खर्च न्यूनतम पाया गया।
जांच के दौरान मस्टर रोल में दर्ज कई व्यक्तियों ने लिखित बयान देकर बताया कि उन्होंने न तो काम के लिए आवेदन किया था और न ही मनरेगा के तहत कोई श्रम किया था।
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