चंडीगढ़ , फरवरी 02 -- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा पशुपालन एवं दुधारू पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पशु मेला एवं प्रदर्शनी में पशुपालन से जुड़ी नवीनतम और आधुनिक तकनीकों का व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्लों वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों से जोड़ना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन और आय प्राप्त कर सकें।
मंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाली 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों से श्रेष्ठ नस्ल के लगभग 1,500 पशु भाग लेंगे। ये पशु गाय भैंस बैल बकरी और अन्य वर्गों सहित 53 विभिन्न श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। पशुपालकों का उत्साह बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पशुओं के मालिकों को करीब 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी जिससे पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा मिलेगा।
श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस तीन दिवसीय आयोजन में राज्य भर से लगभग एक लाख पशुपालक, किसान, पशुपालन से जुड़े उद्यमी विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों के शामिल होने की संभावना है। आगंतुकों की सुविधा के लिए सरकार की ओर से प्रतिदिन 200 निःशुल्क बसों की व्यवस्था की गई है जो विभिन्न जिलों से लोगों को मेले तक लाएंगी और वापस उनके गांवों व कस्बों तक छोड़ेंगी। इसके अतिरिक्त मेले में आने वाले पशुपालकों और किसानों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न सरकारी विभाग अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाएंगे ताकि पशुपालक योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें। निजी क्षेत्र की कंपनियां भी पशुपालन से संबंधित आधुनिक उपकरण चारा प्रबंधन टीकाकरण और दुग्ध उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही दर्शकों के आकर्षण के लिए एक विशेष रैंप शो का आयोजन किया जाएगा जिसमें श्रेष्ठ नस्ल के पशु रैंप पर चलते नजर आएंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि पशु मेले का उद्घाटन 6 फरवरी को मंत्री श्याम सिंह राणा करेंगे। 7 फरवरी को केंद्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि होंगे जबकि 8 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनोरंजन की भी व्यवस्था की गई है।
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