भरतपुर , जनवरी 11 -- राजस्थान में डीग जिले के कुम्हेर कस्बे में नगर पालिका द्वारा नियुक्त नई कंपनी की नीतियों से नाराज सफाई कर्मचारियों की पिछले 10 दिनों से चली आ रही हड़ताल से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सफाई कर्मचारियाें की हड़ताल से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के प्रमुख बाजारों, गलियों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों पर जानवरों के झुंड मंडराने एवं दुर्गंध से क्षेत्र में बीमारियों के फैलने की आशंका से भी लोग चिंतित हैं।

हड़ताल कर रहे अस्थाई सफाई कर्मचारियों ने रविवार को बताया कि पिछले करीब 10 वर्षों से सभी सफाई कर्मचारी ठेके के माध्यम से नगर पालिका कुम्हेर में सेवाएं दे रहे हैं। जिस फर्म के जरिए वे काम कर रहे थे, उसकी निविदा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई।

कर्मचारियों ने बताया कि इसके बाद कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया और बिना निविदा निकाले ही सोन चिरैया नाम की कंपनी को सफाई का ठेका दे दिया गया। यह कम्पनी मात्र 6465 रुपए प्रति महीने वेतन दे रही है, जबकि पिछली कंपनी 7410 रुपए प्रति महीने के साथ ही ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं भी दे रही थीं।

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