चेन्नई , दिसंबर 07 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने रविवार को कहा कि भाजपा एक गैर जरूरी मुद्दे को लेकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है और भगवा पार्टी की सोच में दंगे ही शामिल हैं ताकि विकास एवं प्रगति को रोका जा सके।

उन्होंने कहा, "यह महज सस्ती और नीच राजनीति है।" श्री स्टालिन ने कुछ पूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन और नयी परियोजनाओं के शिलान्यास के लिए मदुरै में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, "हम हमेशा तमिलनाडु के विकास और प्रगति को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन कुछ पार्टियों की साेच में दंगे शामिल हैं। ऐसी पार्टियां गैर-मुद्दों को उछालकर और उन्हें आगे लाकर विकास के रास्ते में रोड़े अटका रही हैं।"हालांकि मुख्यमंत्री ने भाजपा का नाम नहीं लिया, लेकिन मदुरै के प्रसिद्ध तिरुपरंकुंद्रम मुरुगन मंदिर में दीपम विवाद को लेकर भाजपा और संघ परिवार द्वारा किए गए हंगामे के संदर्भ में उनका संकेत स्पष्ट तौर पर उसी की ओर था।

गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय (मदुरै पीठ) ने पहाड़ी पर सिकंदर दरगाह के पास पत्थर के खंभे पर दीपम जलाने का आदेश दिया था (जो ब्रिटिश काल का सर्वे स्टोन भी माना जाता है), लेकिन मंदिर प्रशासन ने परंपरागत स्थान पर ही-नीचे गुफा मंदिर के ठीक ऊपर उचि पिल्लैयार मंदिर के लैंप पोस्ट पर-दीपम जलाया।

श्री स्टालिन ने सरकार के निर्णय बचाव करते हुए कहा, "परंपरा का पालन करते हुए तीन दिसंबर को उसी स्थान पर दीपम जलाया गया जहां सालों से जलाया जाता रहा है। उसके बाद मंदिर मंडपम में ताड़ के पत्तों का परंपरागत अलाव (सोक्का पनै) भी जलाया गया। भक्तों और स्थानीय लोगों ने दर्शन किए और उन्हें कोई समस्या नहीं है क्योंकि वे परंपरा से पूरी तरह वाकिफ हैं। लेकिन अब एक समूह जानबूझकर समस्या खड़ी करने पर तुला है और लोगों को अच्छी तरह पता है कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं।"उन्होंने आगे कहा, "आध्यात्मिकता समाज को बांटने और ध्रुवीकरण करने की साजिश नहीं हो सकती है। अगर ऐसा है तो यह सस्ती और घृणित राजनीति है। सच्ची आध्यात्मिकता का काम लोगों को मन की शांति और सुकून देना है तथा लोगों को जोड़ना है।"श्री स्टालिन ने द्रमुक को हिंदू-विरोधी बताने वाले प्रचार का जवाब देते हुए याद दिलाया कि वर्तमान द्रमुक सरकार ने पूरे राज्य में 3,000 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार और कुंभाभिषेक करवाया है।

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