नयी दिल्ली , मार्च 25 -- एसएंडपी 500 सूची में शामिल कीसाईट टेक्नोलॉजी ने भारत में संचार, आटोमेशन, रक्षा , एयरोस्पेस , सेमीकंडक्टर एवं जनरल इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र के लिए उच्च शुद्धता की जांच और माप के काम आने वाले हार्डवेयर विनिर्माण का शुभारंभ करने की घोषणा की है।

कंपनी ने बुधवार को यहां भारत (चेन्नई) में अपनी पहली विनिर्माण इकाई में बने पहले डाटा एक्यूजिशन सिस्टम (डीएक्यू) उत्पाद का प्रदर्शन किया। सालाना 5.4 अरब डॉलर का काम करने वाली कीसाइट टेक्नोलॉजी की अमेरिका , जर्मनी और सिंगापुर की चार इकाइयों के बाद पांचवी इकाई है।

कंपनी ने इस इकाई से पहले उत्पाद-'डीएक्यू एम9एक्सएक्सए' का यहां एक विशेष कार्यक्रम में लोकार्पण किया। कंपनी के वाइस-प्रेजिडेंट और महाप्रबंधक (एशिया प्रशांत बिक्री) सुधीर टांगरी और सीनियर डायरेक्टर ताकूया फुरूता ने अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार के क्षेत्र भारत की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कंपनी की व्यावसायिक रणनीति में भारत के स्थान को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर कंपनी के सीनियर डायरेक्टर सुधीर सिंह भी उपस्थित थे।

श्री टांगरी ने कहा, ' डीएक्यूएम9एक्सएक्सए शुद्ध जांच और माप का भारत में निर्मित हमारा पहला उपकरण है जो विश्व स्तर का है। यह भारत में बना भारत और विश्व के लिए है।'उल्लेखनीय है कि डाटा एक्यूजिशन प्रणाली ताप, दाब , वोल्टेज या ध्वनि जैसी भौतिक घटनाओं (इनमें परिवर्तन) को डिजिटल संकेतों के रूप में परिवर्तित कर कंप्यूटर से विश्लेषण और स्टोरेज के लिए भेजती है।

कीसाईट टेक. के अधिकारियों ने कहा कि भारत में उनकी विनिर्माण इकाई भारत की मेक इन इंडिया पहल को आगे बढने में सहायक होगी और इससे देश में एयरोस्पेस और डिफेंस, उद्योग, शिक्षा जगत और अनुसंधान के क्षेत्रों में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी चेन्नई इकाई के स्थापित होने से भारत में उसका विनिर्माण कार्य शुरू हो गया है और इससे भारत के उत्पादों की वैश्विक स्तर पर उपस्थिति बढे़गी और देश में महत्वपूर्ण उद्योगों को स्थानीय स्तर पर निर्मित समाधान मिल सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण विस्तार कीसाईट को अपने दीर्घकालिक ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में समर्थ बनाएगा, जिनमें एयरोस्पेस, डिफेंस, सरकारी आरएंडडी, उद्योग एवं शिक्षा जगत के शोध संस्थान शामिल हैं। इस विस्तार की मदद से कंपनी इन सेक्टरों को विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी ज्यादा व्यवस्थित रूप से उपलब्ध करा सकेगी।

कंपनी का कहना है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होती हुई नवाचार अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसलिए यहाँ पर सभी औद्योगिक और अनुसंधान क्षेत्र में आधुनिक टेस्ट एवं मेज़रमेंट टेक्नोलॉजी की मांग बढ़ रही है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का क्षेत्र वर्ष 2026 तक बढ़कर 300 अरब डॉलर से अधिक हो जाने का अनुमान है, जिसमें घरेलू प्रोडक्शन और आधुनिक शोध अभियानों में आ रही तेजी से मदद मिल रही है।

श्री टांगरी ने कहा, ''भारत इनोवेशन के एक ऐसे दशक में प्रवेश कर रहा है, जो एक पीढ़ी में केवल एक बार आता है। स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग की स्थापना से कीसाईट को भारत के ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने तथा अपनी ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। विश्व के लिए भारत में निर्माण होने से व्यापक उद्योगों में टेक्नोलॉजी के विकास में तेजी आएगी।" उन्होंने कहा कि कीसाईट के स्थानीय विनिर्माण से भारत में सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, अगली पीढ़ी, अगली पीढी के एआई एवं वायरलेस और भविष्य के 6जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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