नैनीताल/देहरादून , जनवरी 15 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किसान सुखवन्त सिंह की कथित आत्महत्या प्रकरण की गहन जांच के लिए पुलिस महकमे ने पुलिस महानिरीक्षक (एसटीएफ) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेष अन्वेषण दल (एसटीएफ) का गठन किया है।

इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर जिले के आईटीआई थाना और पेगा चौकी के आरोपी 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कुमाऊं से गढ़वाल मंडल स्थानांतरित कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक (एसटीएफ) नीलेश आनन्द भरणे की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय दल में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति, क्षेत्राधिकारी टनकपुर सुश्री वन्दना वर्मा, चंपावत के निरीक्षक दिवान सिंह बिष्ट एवं उपनिरीक्षक मनीष खत्री को सम्मिलित किया गया है।

इसी के साथ ही निष्पक्ष जांच के मद्देनजर आईटीआई थाना के निलंबित उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला और उप निरीक्षक प्रकाश बिष्ट समेत सभी 12 पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से गढ़वाल चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में स्थानान्तरित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि विगत 10 जनवरी की रात को ऊधमसिंह नगर जिले के आईटीआई थाना के अंतर्गत पेगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने कथित रूप से चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या का आरोप काशीपुर के कुछ लोगों के साथ ही ऊधमसिंह नगर पुलिस पर लगाया था। मृतक ने एक वीडियो जारी कर पुलिस की नाकामी पर भी तरह तरह के आरोप लगाये थे। इसके बाद ऊधमसिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने आईटीआई थाना और पेगा चौकी के दो उप निरीक्षकों को निलंबित करने के साथ ही बाकी को लाइन हाजिर कर दिया था।

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