नैनीताल , जनवरी 15 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के बहुचर्चित किसान आत्महत्या मामले के छह आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अदालत इस मामले में कल शुक्रवार को सुनवाई करेगी। फिलहाल अदालत ने सरकार से वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
कुलविंदर सिंह समेत कुल छह आरोपियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने फिलहाल उन्हें कोई राहत न देते हुए सरकार को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कहा है। अब इस मामले कल विस्तृत सुनवाई होगी।
पुलिस ने मृतक किसान के भाई की शिकायत पर काशीपुर के कुल 26 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस महकमे ने इस प्रकरण की गहन जांच के लिए एसआईटी के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नीलेश भरते की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अन्वेषण दल का गठन किया है। सरकार की ओर से भी कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को भी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यहां बता दें कि ऊधमसिंह नगर जिले के पेगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने विगत 10 जनवरी की रात को हल्द्वानी एक होटल में गोली मारकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। उसने मौत को गले लगाने से पहले भूमि खरीद के नाम पर 04 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप लगाने के साथ ही ऊधमसिंह नगर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे।
इस घटना के बाद हड़कंप मच गया था। सरकार ने भी इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सख्ती के संकेत दिए थे। पुलिस ने भी हरकत में आते हुए आईटीआई थाना प्रभारी समेत दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया था और पेंगा पुलिस समेत अन्य 10 लोगों लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस मुख्यालय से नया आदेश जारी हुआ है और सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को चमोली और रुद्रप्रयाग स्थानांतरित कर दिया है।
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