भोपाल , अप्रैल 15 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सस्ती ऊर्जा मिलने से किसान उत्पादन बढ़ा सकेंगे और प्रदेश की प्रगति में अधिक योगदान दे पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुरूप ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें स्वयं ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए और हरित ऊर्जा से जोड़ा जाए। उन्होंने सोलर पम्प के उपयोग को बढ़ावा देने तथा इससे जुड़ने के इच्छुक किसानों को हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों और आम नागरिकों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ समर्पित और फोकस्ड होकर कार्य करें। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य लेकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति तेज करने, योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने और अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकाय कचरा प्रबंधन और रूफटॉप सोलर योजना के माध्यम से आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए भोपाल में नगरीय निकायों के पदाधिकारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुरैना में उत्तरप्रदेश सरकार के साथ प्रस्तावित 2 हजार मेगावॉट क्षमता के अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के ऊर्जा हितों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया कि कुसुम योजना के तहत अब तक 27 हजार से अधिक सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं और अगले दो वर्षों में 4 लाख पम्पों के सौर ऊर्जीकरण का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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