नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि सरकार किसानों के लिए एक 'किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी)' बनाने का काम कर रही है, जिससे योजनाओं के कागजी काम को सरल बनाकर किसानों को समय पर लाभ पहुंचाया जा सके।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए देश के विभिन्न हिस्सों के किसानों से संवाद करते हुए श्री चौहान ने यह जानकारी दी। यहां पूसा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस साल तीन किसानों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाना देश के अन्नदाताओं के योगदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने यह भी कहा कि सरकार संसद के आगामी सत्र में 'कीटनाशक अधिनियम' और 'बीज विधेयक' लाने जा रही है। उन्होंने कहा, "इन कानूनों में दंडात्मक प्रावधानों को और कठोर किया जाएगा। घटिया बीज या कीटनाशक बेचने वालों पर 30 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है।"किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए श्री चौहान ने बताया कि सरकार अब दालों की पूरी खरीद कर रही है और विदेशी दालों पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया है ताकि भारतीय किसानों को बेहतर दाम मिल सकें। उन्होंने यह भी साझा किया कि भारत चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। सरकार ने चावल के निर्यात पर लगने वाली न्यूनतम निर्यात मूल्य की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिससे किसानों को अब चावल के अच्छे दाम मिल रहे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसके लिए आईसीएआर ने 52 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देंगी और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगी। उन्होंने जोर दिया कि सरकार इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत खेती), प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री चौहान ने कहा, "छोटी जोत की खेती को लाभकारी बनाना हमारी प्राथमिकता है। हम खेती को फायदे का पेशा बनाकर ही दम लेंगे।"इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति और 'सबका साथ, सबका विश्वास' के मंत्र पर चर्चा की। कार्यक्रम में हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार के किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए।

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