पौड़ी , अप्रैल 25 -- उत्तराखंड में पौड़ी गढवाल जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय संप्रेषण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा किशोरों के समग्र विकास से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने परिसर में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा स्टोर रूम में रखी सामग्री का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थान में रह रहे किशोरों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शौचालयों की मरम्मत के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन, उपस्थिति एवं बाल संरक्षण से संबंधित पंजिकाओं का अवलोकन करते हुए उनके नियमित संधारण के निर्देश दिए। जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि अभिभावकों के मिलने की प्रक्रिया मानकों के अनुरूप संचालित की जा रही है तथा आपातकालीन हेल्पलाइन भी सक्रिय है।

जिलाधिकारी भदौरिया ने किशोरों से संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं दैनिक दिनचर्या के संबंध में जानकारी ली और उनसे सुझाव भी प्राप्त किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मनोरंजन कक्ष की सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

किशोरों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए डीएम ने खेल सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए तथा परिसर में बास्केटबॉल रिंग स्थापित करने को कहा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने बाल संरक्षण समिति कार्यालय का निरीक्षण किया। समिति अध्यक्ष राकेश चंद्र ने बताया कि मार्च तक विभिन्न मामलों के 188 प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विधिक सहायता केंद्र का निरीक्षण करते हुए उसकी सक्रियता जांचने के लिए स्वयं फोन कॉल कर परीक्षण किया और अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में किशोर न्याय बोर्ड, कॉन्फ्रेंस कक्ष सहित अन्य कक्षों का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने सभी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर बाल संरक्षण समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित